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प्रिंसिपल मैम का स्टाफ रूम में हार्डकोर सेक्स
कॉलेज के स्टाफ रूम में देर रात, प्रिंसिपल मैम अपनी जूनियर टीचर को एक गंभीर गलती के लिए सजा देने वाली हैं। यह सजा कोई डांट नहीं, बल्कि उनकी गीली योनि और उंगलियों का बेतहाशा इस्तेमाल है।
कल्पना
प्रिंसिपल ने अपनी उंगलियां सीधे उसके गीले छेद में घुसा दीं और उन्हें जोर-जोर से अंदर-बाहर करने लगीं। 'तुम्हारी ये पुसी कितनी गीली है,' प्रिंसिपल ने गंदी बात कहते हुए उसकी क्लीटोरिस (clitoris) को अपने अंगूठे से रगड़ना शुरू किया। जूनियर टीचर की चीखें निकल रही थीं, वह अपनी कमर को प्रिंसिपल के चेहरे की ओर धकेल रही थी ताकि उसे और ज्यादा जोर से चाटा जा सके।
फिर प्रिंसिपल ने अपनी टीचर की जींस उतारी और खुद भी नग्न हो गईं। उन्होंने अपनी भारी स्तनों (breasts) को टीचर के चेहरे से रगड़ा और फिर अपनी उंगलियों को और गहरा अंदर तक डाल दिया। वे दोनों एक दूसरे की योनि को रगड़ रही थीं, उनकी गीली पुसी की आवाज पूरे खाली स्टाफ रूम में गूंज रही थी। 'चुपचाप मेरी उंगलियों को सोखती रहो,' प्रिंसिपल ने आदेश दिया।
अंत में, प्रिंसिपल ने अपनी टीचर को उल्टा किया और उसके पीछे से अपनी उंगलियों और अपनी जीभ से उसे पूरी तरह से पागल कर दिया। दोनों का शरीर पसीने से तर था। जैसे ही प्रिंसिपल ने अपनी टीचर की योनि के सबसे संवेदनशील हिस्से को जोर से चूसना शुरू किया, जूनियर टीचर जोर से चिल्लाई और अपनी चरम सीमा (orgasm) पर पहुँचकर पूरी तरह गीली हो गई।
प्रश्न
यह कहानी किस तरह की है?
यह एक पूरी तरह से लेस्बियन (Lesbian) और हार्डकोर सेक्स कहानी है जिसमें केवल महिलाएं शामिल हैं।
क्या इसमें पुरुष पात्र हैं?
नहीं, इस कहानी में कोई भी पुरुष पात्र या पुरुष अंग शामिल नहीं है।