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रूममेट का पहला सेक्स: जब उसने मेरा लिंग चखा

रूममेट के साथ पहली बार: एक गरम और देसी अनुभव

समलैंगिक · पहली बार · रूममेट

यह कहानी एक ऐसे लड़के की है जिसे पहली बार अपने रूममेट के साथ सेक्स का अनुभव मिलता है। कमरे की गर्मी और दोनों के बीच का तनाव जल्द ही एक गहरे और हार्डकोर सेक्स में बदल जाता है।

कल्पना विचार मैं और मेरा रूममेट समीर एक ही कमरे में रहते हैं। आज रात कुछ अलग होने वाला है। जब उसने पहली बार मेरा लिंग अपने मुंह में लिया, तो मुझे पता नहीं था कि यह अनुभव इतना हार्डकोर होगा। क्या तुम तैयार हो मेरे साथ इस पहली बार को महसूस करने के लिए?

कल्पना

रात के दो बज रहे थे और कमरे में सिर्फ कूलर की आवाज आ रही थी। मेरा रूममेट, समीर, बेड पर लेटा हुआ मुझे घूर रहा था। उसकी नजरें मेरी पजामे के बीच उभरे हुए मेरे सख्त लिंग पर टिकी थीं। उसने बिना कुछ कहे अपना हाथ मेरी जांघों पर रखा और धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ने लगा। जैसे ही उसने मेरी पजामी नीचे खींची, मेरा गरम और मोटा लिंग बाहर निकल आया।

समीर ने झुककर मेरी आंखों में देखा और फिर अपना चेहरा मेरे लिंग के पास ले गया। उसने अपनी लंबी जीभ निकाली और मेरे लिंग के ऊपरी हिस्से को धीरे से चाटना शुरू किया। उसकी गर्म जीभ और लार का अहसास इतना तीव्र था कि मैं कराह उठा। उसने अपने दोनों हाथों से मेरे अंडकोश को पकड़ा और फिर अपना पूरा मुंह मेरे लिंग के ऊपर चढ़ा लिया। वह बहुत गहराई तक सक (suck) कर रहा था, जिससे मेरा पूरा शरीर कांपने लगा।

उसका मुंह बहुत गर्म और टाइट था। वह बार-बार लिंग को अंदर-बाहर कर रहा था, जिससे मेरे मुँह से गंदी आवाजें निकल रही थीं। मैंने उसके बालों में उंगलियां फंसा दीं और उसे और जोर से खींचने लगा। समीर ने अपना काम जारी रखा, वह मेरे लिंग को ऐसे चूस रहा था जैसे वह उसे निगलना चाहता हो। मेरा पूरा ध्यान उसके मुंह की गर्माहट और उसकी जीभ की हरकत पर था।

जब मुझे लगा कि मैं फटने वाला हूँ, तो मैंने उसे ऊपर खींच लिया। मैं बेड पर सीधा लेट गया और उसने मेरे ऊपर आकर घुटनों के बल बैठ गया। उसने अपना लिंग निकाला और उसे मेरे छेद के पास रगड़ने लगा। फिर उसने एक झटके में अपना भारी लिंग मेरे अंदर उतार लिया। वह बहुत दर्दनाक लेकिन बेहद सुखद था। उसने पूरी ताकत से अंदर-बाहर करना (thrusting) शुरू किया।

कमरा हमारी सिसकियों और मांस के टकराने की आवाज से भर गया। समीर की कमर की हर थ्रस्ट मुझे पागल कर रही थी। मैंने उसके कूल्हों को मजबूती से पकड़ा और उसे और गहराई तक अपने अंदर खींचने को कहा। अंत में, हम दोनों ही चरम सीमा पर पहुँच गए। समीर ने मेरे अंदर ही अपना गरम वीर्य (cum) छोड़ दिया और मैं भी उसके पेट पर ढेर सारा वीर्य उगल दिया।

प्रश्न

क्या यह कहानी पूरी तरह से पुरुषों के बीच है?

हाँ, यह पूरी तरह से दो पुरुषों (Gay) के बीच की हार्डकोर कहानी है।

इस कहानी का मूड कैसा है?

यह कहानी बहुत ही उत्तेजक, प्रत्यक्ष और हार्डकोर है।